Jan Aushadhi Kendra कैसे खोलें? दुकान की जगह, B.Pharm/D.Pharm नियम, ₹5 लाख सब्सिडी, आवेदन फॉर्म और असली कमाई (2026 संपूर्ण गाइड)
PMBJP • 100% NABL & WHO-GMP Standards

मुख्य रिसर्च व मुख्य बिंदु (Executive Summary)
प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि केंद्र (PMBJP) खोलने की 100% व्यावहारिक और संपूर्ण गाइड। जानिए पात्रता, आवश्यक कागजात, कुल लागत, ₹5 लाख सरकारी इंसेंटिव का हिसाब, ड्रग लाइसेंस और हर महीने ₹50,000+ शुद्ध मुनाफा कमाने का असली गणित।
अगर आप खुद का एक सुरक्षित और सम्मानित मेडिकल स्टोर शुरू करने की योजना बना रहे हैं, या कोई ऐसा बिज़नेस तलाश रहे हैं जिसमें मंदी का कोई असर न हो, कम पूंजी लगे और समाज सेवा के साथ-साथ हर महीने अच्छी आमदनी भी हो—तो प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि केंद्र (PMBJP) आपके लिए आज के समय का सबसे बेहतरीन बिज़नेस मॉडल है।
आज पूरे देश में 20,000 से ज्यादा जन औषधि केंद्र सफलतापूर्वक चल रहे हैं और सरकार का लक्ष्य इसे हर ग्रामीण और शहरी इलाके के कोने-कोने तक पहुंचाने का है। लेकिन आज भी अधिकांश युवाओं और फार्मासिस्टों के मन में यह सवाल रहता है कि "क्या बिना फार्मेसी डिग्री वाला व्यक्ति भी इसे खोल सकता है? असल में कुल कितना खर्च आता है? सरकार से ₹5 लाख की मदद कैसे मिलती है और दुकान चालू होने के बाद महीने की कितनी कमाई जेब में आती है?"
इस विस्तृत और इन-डेप्थ गाइड में हम बिना किसी किताबी भाषा के, बिल्कुल आसान और जमीनी स्तर पर एक-एक स्टेप, असली खर्च की टेबल, सरकारी इंसेंटिव का गणित और ऑनलाइन फॉर्म भरने का पूरा तरीका विस्तार से समझेंगे।
PMBJP Jan Aushadhi Kendra Model
Ministry of Chemicals & Fertilizers | Govt of India
शुरुआती लागत
₹2.5 - ₹3.5 L
सरकारी इंसेंटिव
₹5,00,000
ट्रेड मार्जिन
20% Direct
मासिक शुद्ध लाभ
₹50K - ₹80K+
1. जन औषधि केंद्र कौन-कौन खोल सकता है? (पात्रता श्रेणियां)
सरकार ने जन औषधि केंद्र खोलने के नियमों को बहुत सरल बनाया है ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों को रोजगार मिल सके। इसे 3 मुख्य श्रेणियों में बांटा गया है:
श्रेणी 1: व्यक्तिगत बेरोजगार युवा / फार्मासिस्ट / उद्यमी
- अगर आपके पास B.Pharm या D.Pharm की डिग्री है: तो आप सीधे अपने नाम से आवेदन कर सकते हैं और खुद ही फार्मासिस्ट-सह-संचालक बन सकते हैं।
- अगर आपके पास फार्मेसी की डिग्री नहीं है (नॉन-फार्मासिस्ट): आप 10वीं, 12वीं पास या सामान्य ग्रेजुएट हैं, तब भी आप दुकान के मालिक बन सकते हैं। बस आपको अपनी दुकान पर किसी B.Pharm या D.Pharm पास रजिस्टर्ड फार्मासिस्ट को फुल-टाइम नौकरी पर रखना होगा, जिसका नाम ड्रग लाइसेंस में बतौर 'कंपीटेंट पर्सन' दर्ज होगा।
श्रेणी 2: गैर-सरकारी संगठन (NGOs), ट्रस्ट एवं प्राइवेट अस्पताल
कोई भी रजिस्टर्ड NGO, चैरिटेबल ट्रस्ट, कोऑपरेटिव सोसाइटी, प्राइवेट नर्सिंग होम या पॉलीक्लिनिक अपने परिसर में जन औषधि केंद्र खोलने के लिए अधिकृत है।
श्रेणी 3: सरकारी नामित संस्थाएं
जिला अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC/PHC), नगर पालिका या राज्य सरकार द्वारा नामित कोई भी सार्वजनिक उपक्रम।
2. आवश्यक दस्तावेजों की पूरी चेकलिस्ट (Documents Checklist)
ऑनलाइन आवेदन करने से पहले इन सभी कागजातों की ओरिजिनल कलर स्कैन कॉपी (PDF या साफ JPG फॉर्मेट, साइज 2MB से कम) अपने कंप्यूटर में तैयार रखें:
📋 अनिवार्य दस्तावेजों की सूची:
- 1. आवेदक की पहचान व पता: आधार कार्ड और पैन कार्ड (PAN Card अनिवार्य है)।
- 2. फार्मासिस्ट के शैक्षणिक दस्तावेज: D.Pharm / B.Pharm का फाइनल डिग्री या डिप्लोमा सर्टिफिकेट, मार्कशीट और राज्य फार्मेसी काउंसिल (State Pharmacy Council) का वैलिड रिन्यूड रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट।
- 3. दुकान का कानूनी प्रमाण: यदि दुकान अपनी है तो रजिस्ट्री/बिजली बिल/हाउस टैक्स रसीद। यदि दुकान किराये पर है तो कम से कम 36 महीने (3 साल) का रजिस्टर्ड रेंट एग्रीमेंट।
- 4. दुकान का फ्लोर लेआउट (नक्शा): ड्राफ्ट्समैन द्वारा बनाया गया नक्शा जिसमें 120 वर्ग फुट (या अधिक) का स्पष्ट कारपेट एरिया दिखाया गया हो।
- 5. बैंक खाता विवरण: आवेदक के नाम का कैंसिल्ड चेक (Cancelled Cheque) या बैंक पासबुक के पहले पन्ने की स्पष्ट कॉपी जिसमें IFSC कोड और खाता संख्या साफ दिख रही हो।
- 6. जाति / विशेष श्रेणी प्रमाण पत्र (यदि लागू हो): SC/ST वर्ग, महिला उद्यमी, दिव्यांग (PwD) या पूर्व सैनिक होने का प्रमाण पत्र, जिससे आवेदन फीस में छूट और ₹2 लाख की अतिरिक्त सरकारी सहायता मिल सके।
3. कुल कितना निवेश लगेगा? (Itemized Cost Breakdown Table)
अक्सर प्राइवेट मेडिकल स्टोर खोलने में 10 से 15 लाख रुपये का खर्च आता है क्योंकि वहां सैकड़ों कंपनियों के महंगे ब्रांड्स का स्टॉक रखना पड़ता है। लेकिन जन औषधि केंद्र में ऐसा नहीं है। यहां सरकार द्वारा तय किए गए न्यूनतम खर्च का वास्तविक ब्योरा नीचे तालिका में दिया गया है:
| मद (Expense Head) | अनुमानित लागत (₹) | विवरण व सुझाव |
|---|---|---|
| सरकारी आवेदन फीस | ₹5,000 | नॉन-रिफंडेबल (महिला/SC/ST/दिव्यांग आवेदकों के लिए 100% फ्री) |
| दुकान का इंटीरियर, रैक और ब्रांडिंग | ₹80,000 - ₹1,10,000 | PMBJP के तय कलर कोड (हरा और पीला) वाले मॉड्युलर रैक व काउंटर |
| कंप्यूटर, प्रिंटर, बारकोड व यूपीएस | ₹35,000 - ₹45,000 | सरकारी बिलिंग सॉफ्टवेयर और दवाओं के बारकोड स्कैनिंग के लिए |
| रेफ्रिजरेटर & एयर कंडीशनर (AC) | ₹35,000 - ₹50,000 | इन्सुलिन/आई ड्रॉप्स (2-8°C) और दवाओं का तापमान 25°C से कम रखने हेतु |
| दवाओं का शुरुआती स्टॉक (First Stock) | ₹1,00,000 - ₹1,50,000 | फास्ट सेलिंग दवाएं (बीपी, शुगर, एंटीबायोटिक्स, पेनकिलर, गैस कैप्सूल) |
| ड्रग लाइसेंस व कानूनी औपचारिकताएं | ₹10,000 - ₹15,000 | स्टेट ड्रग कंट्रोलर विभाग की सरकारी चालान फीस |
| कुल अनुमानित शुरुआती निवेश | ₹2.65 लाख से ₹3.75 लाख | दुकान की मौजूदा स्थिति और फर्नीचर पर निर्भर |
💡 PMBJP ₹5 लाख सरकारी इंसेंटिव भुगतान संरचना (Payment Slabs)
15% मासिक इंसेंटिव
हर महीने की कुल दवा खरीद पर 15% बोनस सीधे बैंक खाते में
अधिकतम ₹15,000 / माह
प्रति माह अधिकतम ₹15,000 तक का इंसेंटिव प्राप्त करने की सीमा
कुल ₹5,00,000 तक
जब तक ₹5 लाख पूरे न हों, तब तक मासिक सहायता लगातार जारी
4. सरकार से ₹5 लाख तक की आर्थिक मदद (Subsidy / Incentive) कैसे मिलती है?
कई लोगों को यह भ्रम रहता है कि आवेदन करते ही सरकार 5 लाख रुपये का चेक या कैश दे देती है। ऐसा बिल्कुल नहीं है। सरकार आपको बिज़नेस में आत्मनिर्भर बनाने के लिए मासिक बिक्री-आधारित इंसेंटिव (Monthly Turnover Incentive) प्रदान करती है:
💰 इंसेंटिव मिलने का सटीक सरकारी फॉर्मूला:
- 🔹 आपकी दुकान से हर महीने जितनी भी जन औषधि दवाओं की कुल खरीद (Monthly Purchase Value) होगी, उसका 15% इंसेंटिव अगले महीने सीधे आपके बैंक खाते में DBT के जरिए ट्रांसफर किया जाएगा।
- 🔹 यह राशि प्रति माह अधिकतम ₹15,00,00 तक हो सकती है।
- 🔹 यह मासिक सहायता तब तक लगातार मिलती रहती है जब तक कि कुल ₹5,00,000 (पांच लाख रुपये) की अधिकतम सीमा पूरी न हो जाए (यानी लगभग 33 से 36 महीने तक)।
- 🔹 विशेष श्रेणी के लिए अतिरिक्त ₹2 लाख एकमुश्त सहायता: यदि केंद्र किसी महिला उद्यमी, दिव्यांग, SC/ST आवेदक, या पूर्वोत्तर राज्यों, हिमालयी क्षेत्रों व नीति आयोग द्वारा घोषित 'आकांक्षी जिलों' (Aspirational Districts) में खोला जाता है, तो फर्नीचर, रैक और कंप्यूटर सेटअप के लिए ₹2,00,000 की अतिरिक्त एकमुश्त प्रतिपूर्ति (One-Time Reimbursement) बिल जमा करने पर दी जाती है।
5. हर महीने कितनी कमाई होगी? (3 अलग-अलग लोकेशन के वास्तविक उदाहरण)
जन औषधि केंद्र संचालक को कमाई के दो मुख्य स्रोत मिलते हैं:
- 1. 20% फिक्स ट्रेड मार्जिन: दवाओं के अधिकतम खुदरा मूल्य (MRP) पर 20% का सीधा मुनाफा मिलता है। सर्जिकल और मेडिकल इक्विपमेंट पर यह मार्जिन 25% तक होता है।
- 2. 15% सरकारी इंसेंटिव: मासिक खरीद टर्नओवर पर 15% अतिरिक्त सरकारी बोनस (अधिकतम ₹15,000/माह)।
आइए 3 अलग-अलग स्थानों के आधार पर मासिक मुनाफे का यथार्थवादी गणित देखें:
| स्थान / स्थिति | दैनिक बिक्री (₹) | मासिक टर्नओवर (₹) | 20% मार्जिन + 15% इंसेंटिव | खर्च घटाकर शुद्ध बचत (Net Profit) |
|---|---|---|---|---|
| कस्बा / ग्रामीण बाजार (Tier 3) | ₹4,000 - ₹5,000 | ₹1,35,000 | ₹27,000 + ₹15,000 = ₹42,000 | ₹30,000 - ₹35,000 / माह |
| शहरी मुख्य बाजार / रिहायशी इलाका (Tier 2) | ₹8,000 - ₹12,000 | ₹3,00,000 | ₹60,000 + ₹15,000 = ₹75,000 | ₹50,000 - ₹60,000 / माह |
| सरकारी / बड़े प्राइवेट अस्पताल के सामने | ₹18,000 - ₹25,000+ | ₹6,00,000 | ₹1,20,000 + ₹15,000 = ₹1,35,000 | ₹90,000 - ₹1,10,000+ / माह |
6. ऑनलाइन आवेदन कैसे करें? स्टेप-बाय-स्टेप गाइड (2026 Process)
जन औषधि केंद्र के लिए आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और ऑनलाइन है। किसी भी दलाल को पैसे देने की जरूरत नहीं है। नीचे दिए गए 8 चरणों का पालन करें:
- स्टेप 1 (पोर्टल खोलें): केंद्र सरकार के आधिकारिक PMBJP पोर्टल janaushadhi.gov.in पर जाएं।
- स्टेप 2 (रजिस्ट्रेशन करें): मेन्यू बार में 'Apply for Kendra' या 'Online Registration' पर क्लिक करें। अपना नाम, मोबाइल नंबर और ईमेल डालकर OTP से वेरीफाई करें।
- स्टेप 3 (एप्लीकेशन फॉर्म भरें): अपना व्यक्तिगत विवरण, दुकान का पूरा पता (सड़क, मोहल्ला, पिनकोड), और नियुक्त किए गए फार्मासिस्ट का रजिस्ट्रेशन नंबर दर्ज करें।
- स्टेप 4 (दस्तावेज अपलोड करें): आधार कार्ड, पैन कार्ड, दुकान का नक्शा, रेंट एग्रीमेंट, और फार्मासिस्ट का डिग्री व स्टेट काउंसिल सर्टिफिकेट स्कैन करके अपलोड करें।
- स्टेप 5 (एप्लीकेशन फीस जमा करें): ₹5,000 की ऑनलाइन आवेदन फीस का भुगतान नेट बैंकिंग, डेबिट कार्ड या यूपीआई के माध्यम से करें (आरक्षित वर्ग के लिए यह स्टेप ऑटो-एग्जेंप्ट होगा)।
- स्टेप 6 (In-Principle Approval - IPA): फॉर्म सबमिट होने के बाद PMBI के नोडल अधिकारी आपके कागजात की जांच करेंगे। सब कुछ सही होने पर 15 से 25 दिनों के भीतर आपको ईमेल पर 'In-Principle Approval (IPA) Letter' जारी किया जाएगा।
- स्टेप 7 (ड्रग लाइसेंस बनवाएं): IPA लेटर की कॉपी लेकर अपने जिले के ड्रग इंस्पेक्टर (State Drug Licensing Authority) के पास जाएं और जन औषधि केंद्र के नाम से रिटेल ड्रग सेल लाइसेंस (Form 20 और Form 21) के लिए अप्लाई करें।
- स्टेप 8 (एग्रीमेंट और मर्चेंट कोड): ड्रग लाइसेंस मिलने के बाद उसे पोर्टल पर अपलोड करें। इसके बाद PMBI के साथ ऑनलाइन एग्रीमेंट होगा और आपको एक यूनिक 'Store Merchant Code' मिल जाएगा। अब आप सीधे सरकारी वेयरहाउस से दवाएं आर्डर कर सकते हैं।
7. जन औषधि केंद्र को सफल बनाने के 5 स्वर्णिम नियम (Operational Tips)
- ⭐ 1. क्रोनिक दवाओं का स्टॉक कभी खत्म न होने दें: बीपी (Telmisartan), शुगर (Metformin, Glimepiride), थायराइड (Thyroxine) और गैस की दवाएं हमेशा 1 महीने के बफर स्टॉक में रखें। इन मरीजों को हर महीने दवा चाहिए होती है। अगर उन्हें एक बार दवा नहीं मिली तो वे दूसरी दुकान चले जाएंगे।
- ⭐ 2. डॉक्टर प्रिस्क्रिप्शन को जेनेरिक सॉल्ट से मैच करना सीखें: फार्मासिस्ट को ट्रेनिंग दें कि अगर पर्चे पर ब्रांड नाम लिखा है, तो वह तुरंत उसका एक्टिव मॉलिक्यूल पहचानकर मरीज को समझाए कि यही दवा जन औषधि में 80% सस्ती उपलब्ध है।
- ⭐ 3. नजदीकी क्लिनिक और डॉक्टरों से विनम्र संपर्क: अपने क्षेत्र के जनरल फिजिशियन, BAMS, BHMS और MBBS डॉक्टरों से मिलें। उन्हें जन औषधि का प्रोडक्ट कैटलॉग दें और बताएं कि आपके स्टोर पर सभी जरूरी इमरजेंसी और रूटीन दवाएं उपलब्ध हैं।
- ⭐ 4. सुगम ऐप और व्हाट्सएप आर्डर सुविधा: अपने नियमित ग्राहकों का व्हाट्सएप ग्रुप बनाएं। जब उनका मासिक स्टॉक खत्म होने वाला हो तो उन्हें याद दिलाएं और उनके लिए दवाएं पैक करके रखें।
- ⭐ 5. पक्का कम्प्यूटरीकृत बिल दें: प्रत्येक ग्राहक को सरकारी सॉफ्टवेयर से प्रिंटेड पक्का बिल दें। इससे ग्राहकों में विश्वास पैदा होता है कि वे असली सरकारी दवा खरीद रहे हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
सटीक जानकारी एवं जन औषधि केंद्र से जुड़े जरूरी नियम
